
हैदराबाद, 23 फरवरी 2026: नक्सल संगठन को बड़ा झटका देते हुए माओवादी पार्टी के प्रमुख नेता तिप्परी तिरुपति उर्फ देव जी और केंद्रीय समिति के सदस्य मल्ला राजिरेड्डी समेत 16 अन्य माओवादियों ने 22 फरवरी को तेलंगाना पुलिस की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (SIB) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नेताओं को अगले दो दिनों में सार्वजनिक रूप से पेश किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां 31 मार्च तक माओवादी आंदोलन को समाप्त करने के लक्ष्य के तहत शीर्ष नक्सली नेताओं की घेराबंदी कर रही हैं।
संगठन के लिए बड़ा नुकसान
जानकारी के अनुसार देव जी पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वे मूल रूप से करीमनगर जिले के निवासी बताए जाते हैं और लंबे समय से संगठन की केंद्रीय गतिविधियों में सक्रिय थे। करीब आठ महीने पहले ही उन्हें संगठन का महासचिव बनाया गया था।
सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों, मुठभेड़ों और वरिष्ठ नेताओं के आत्मसमर्पण से माओवादी आंदोलन कमजोर होता दिख रहा है। वर्ष 2021 में रामकृष्णा की मुठभेड़ के बाद संगठन में हलचल मच गई थी। इसके बाद शीर्ष नेता हिडमा और नंबाला केशव राव (बसवराजू) भी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों में मारे गए।
अतिरिक्त आशन्ना, मल्लोजुला वेणुगोपाल सहित कई अन्य नेताओं ने भी आत्मसमर्पण किया है। मई 2025 में सुरक्षा बलों ने तत्कालीन शीर्ष नेता बसवराजू को एक बड़े अभियान में मार गिराया था।
देव जी के आत्मसमर्पण की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो एक वर्ष के भीतर दूसरी बार माओवादी संगठन का शीर्ष नेतृत्व गंभीर रूप से कमजोर पड़ता दिखाई देगा। लगातार कार्रवाई से संगठन का ढांचा और प्रभाव क्षेत्र सिमटने के संकेत मिल रहे हैं।




